- Bollywood’s Favourite Jodi - Saifu and Bebo lagayenge Hasi Ke Tyo-Ha-Ha-Har mein chaar chaand only on The great Indian Kapil Show
- Disha Patani leaves fans curious as she drops a series of cryptic stories: There are humans amongst us
- It’s October Season! 7 Bollywood Actors Who Are Your Libra–Scorpio Twins — Rekha, Aditi Rao Hydari to Kunal Kapoor
- मिराया होटल एंड रिज़ॉर्ट्स ने धनंजय श्रीवास्तव को क्लस्टर जनरल मैनेजर नियुक्त किया
- भारत की नंबर 1 EV अब INDULGE के लिए तैयार है!
मेघालय ने 39वें नेशनल गेम्स 2027 की तैयारी तेज की, खिलाड़ियों के लिए मजबूत सपोर्ट सिस्टम पर जोर
नेशनल, 14 मई 2026: मेघालय सरकार ने 2027 में होने वाले 39वें नेशनल गेम्स की तैयारियों को तेज कर दिया है। इसी के तहत राज्य सरकार ने खिलाड़ियों, कोचों और विभिन्न खेल संघों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक का उद्देश्य खिलाड़ियों के लिए बेहतर सुविधाएं, ट्रेनिंग और सपोर्ट सिस्टम तैयार करना था।
यह बैठक शिलॉन्ग के स्टेट कन्वेंशन सेंटर में खेल एवं युवा मामले निदेशालय द्वारा आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता मेघालय सरकार के खेल एवं युवा मामलों के मंत्री श्री वेलाडमिकी शायला ने की। इसमें अलग-अलग खेलों के खिलाड़ी और खेल संघ शामिल हुए। चर्चा में खिलाड़ियों की सुविधा, ट्रेनिंग, प्रतियोगिताओं में भागीदारी और राज्य में खेलों के भविष्य पर बात हुई।
बैठक को संबोधित करते हुए श्री वेलाडमिकी शायला ने कहा, “नेशनल गेम्स हम सभी के लिए एक बड़ा अवसर है और इसे सफल बनाने के लिए हमें एक टीम की तरह मिलकर काम करना होगा।” उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों की सफलता के साथ-साथ उनकी भलाई का ध्यान रखना भी बहुत जरूरी है। उन्होंने बताया कि एक खिलाड़ी ने उन्हें बेहतर पोषण और शिकायतों के समाधान की जरूरत के बारे में बताया था। मंत्री ने कहा, “जो भी फैसले और नीतियां बनाई जाएं, उनमें युवाओं को ध्यान में रखना बहुत जरूरी है।”
उन्होंने बताया कि पिछले सात वर्षों में खेल विभाग का बजट लगभग ₹40 करोड़ से बढ़कर इस साल ₹844 करोड़ हो गया है। साथ ही सरकार जल्द ही टीम प्रिपरेशन प्रोग्राम के तहत ₹23.37 करोड़ की अगली राशि जारी करेगी। यह राशि खिलाड़ियों के रहने, भोजन, पोषण और प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए दी जाएगी।
मंत्री ने हाल ही में हुए खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में मेघालय के खिलाड़ियों के प्रदर्शन की भी सराहना की। राज्य की रैंकिंग 29वें स्थान से बढ़कर 13वें स्थान पर पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि यह खिलाड़ियों, कोचों, खेल संघों और सरकार की मेहनत का परिणाम है।
खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाने के लिए राज्य सरकार ने “मेघालय आउटस्टैंडिंग स्पोर्ट्सपर्सन्स डायरेक्ट अपॉइंटमेंट पॉलिसी” भी शुरू की है। इसके तहत नेशनल गेम्स में मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी दी जाएगी।
बैठक के दौरान कोचों की समस्याओं पर भी चर्चा हुई। इस पर मंत्री ने कहा, “हर सफल खिलाड़ी के पीछे एक कोच होता है।” उन्होंने यह भी कहा कि नेशनल गेम्स की तैयारी कर रहे खिलाड़ियों को उपस्थिति (अटेंडेंस) में छूट दी जाएगी और इस बारे में शिक्षा विभाग से बात की जाएगी।
मेघालय सरकार के खेल एवं युवा मामले विभाग के जॉइंट सेक्रेटरी श्री रिचर्ड यंथन ने कहा कि नेशनल गेम्स खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का बड़ा मौका देगा। उन्होंने कहा कि इससे राज्य में खेल इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास भी तेजी से होगा।
मेघालय स्टेट ओलंपिक एसोसिएशन के कार्यकारी अध्यक्ष श्री जॉन एफ. खारशीइंग ने कहा कि खेल जगत के सभी लोग नेशनल गेम्स को सफल बनाने और मेघालय में खेलों के विकास के लिए मिलकर काम करेंगे।
मुख्यमंत्री श्री कॉनराड के. संगमा के नेतृत्व में पिछले कुछ वर्षों में मेघालय में खेलों का तेजी से विकास हुआ है। जून 2025 से अब तक राज्य में 50,000 से ज्यादा खिलाड़ियों की पहचान की गई है। वहीं 1,200 से अधिक खिलाड़ी 27 राज्य खेल संघों के तहत ट्रेनिंग ले रहे हैं। मेघालय के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में अब तक 70 मेडल जीते हैं, जिनमें 23 गोल्ड मेडल शामिल हैं।
राज्य सरकार जे.एन. स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में एक हाई परफॉर्मेंस स्पोर्ट्स साइंस सेंटर भी बना रही है। यहां खिलाड़ियों को स्पोर्ट्स साइंस, चोट से उबरने, रिकवरी और परफॉर्मेंस एनालिसिस जैसी आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी।
2018 से अब तक मेघालय सरकार खेल इंफ्रास्ट्रक्चर पर ₹1,800 करोड़ से अधिक निवेश कर चुकी है। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि 39वें नेशनल गेम्स के जरिए खेल, युवाओं के विकास और पूर्वोत्तर भारत की आर्थिक प्रगति को नई दिशा दी जाए।


